क्या उद्धार के बाद संघर्ष और परीक्षा आती हैं?
हाँ, बाइबल के अनुसार उद्धार पाने के बाद भी विश्वासियों के जीवन में संघर्ष और परीक्षाएँ आती हैं। लेकिन परमेश्वर इन परीक्षाओं का उपयोग विश्वास को मजबूत करने और आत्मिक रूप से बढ़ाने के लिए करते हैं (याकूब 1:2–3)। उद्धार का अर्थ यह नहीं कि समस्याएँ समाप्त हो जाएँ, बल्कि यह कि परमेश्वर हमारे साथ होते हैं। परिचय: कई लोग यह क्यों सोचते हैं? कुछ लोग मानते हैं कि जब कोई व्यक्ति यीशु मसीह को स्वीकार करता है, तो उसके जीवन में सारी समस्याएँ समाप्त हो जाती हैं। लेकिन वास्तविकता यह है कि: विश्वासियों के जीवन में भी संघर्ष आते हैं परीक्षाएँ आती हैं कठिन परिस्थितियाँ आती हैं बाइबल स्पष्ट रूप से सिखाती है कि विश्वास का जीवन संघर्षों से मुक्त नहीं है। 1. यीशु ने पहले ही चेतावनी दी थी यीशु ने अपने चेलों को बताया कि इस संसार में कठिनाइयाँ आएँगी। “संसार में तुम्हें क्लेश होगा, परन्तु हियाव बाँधो।” — यूहन्ना 16:33 इसका अर्थ है: संघर्ष सामान्य हैं वे विश्वास की यात्रा का हिस्सा हैं लेकिन आशा यह है कि यीशु संसार पर जय पा चुके हैं। 2. परीक्षाएँ विश्वास को मजबूत करती हैं बाइबल स...